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मंत्री श्री सिलावट ने किया एमवाय अस्पताल में ब्लड नेट टेस्टिंग सेंटर का शुभारंभ
ब्लड बैंक में मिलेगा 99.9 प्रतिशत सुरक्षित रक्त
इंदौर. एमवाय अस्पताल में रविवार को उन्नत एवं सर्वाधिक रक्त इकाई संग्रहण करने वाले रक्तकोष में रक्त एवं रक्त के घटकों के विश्वस्तरीय जाँच हेतु नेट टेस्टिंग सेंटर का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर रक्तकोष में नेट टेस्टिंग हेतु स्थापित मशीन का लोकार्पण जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट द्वारा किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ पवन कुमार शर्मा, विधायक श्री आकाश विजवर्गीय, एमजीएम कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित उपस्थित रहे।
मध्य भारत का पहला ब्लड बैंक जहां मिलेगा 99.9 प्रतिशत सुरक्षित रक्त
नेट टेस्टिंग सेंटर की स्थापना के बाद एमवाय अस्पताल के ब्लड बैंक में अब 99.9 प्रतिशत सुरक्षित रक्त मिलेगा। यह मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्य भारत में ऐसा पहला ब्लड बैंक होगा जहां इतना सुरक्षित रक्त उपलब्ध होगा। अभी तक प्रदेश के किसी भी प्रायवेट, कॉर्पोरेट व सरकारी अस्पताल में इस स्तर की सुविधा नहीं दी जा रही है।
एमजीएम कॉलेज के डीन डॉ. दीक्षित ने बताया कि जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है तो उससे लिए रक्त में एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, वीडीआरएल व मलेरिया की जांच की जाती है। ऐसे में अब नेट टेस्टिंग मशीन से इस स्थिति में रक्त में वायरस की पहचान आसानी से हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर और आसपास के जिलों के रक्तकोष में आने वाले रक्त के सैंपल की गुणवत्तापूर्ण जांच भी ब्लड बैंक में की जा सकेगी।
एमवायएच के ब्लड बैंक डायरेक्टर डॉ. अशोक यादव के मुताबिक थेलेसीमिया और ह्यूमोग्लोब्लोपैथी की बीमारियों में मरीजों को हर माह रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है। अब इस नई तकनीक की मशीन से जांच करने पर ऐसे मरीजों को 99.9 प्रतिशत सुरक्षित रक्त मिल सकेगा।


